Tuesday, 13 March 2018

भारत जननि तेरी जय हो विजय हो



भारत जननि तेरी जय हो विजय हो



भारत जननि तेरी जय हो विजय हो ।
तू शुद्ध और बुद्ध ज्ञान की आगार,
तेरी विजय सूर्य माता उदय हो ।।

हों ज्ञान सम्पन्न जीवन सुफल होवे,
सन्तान तेरी अखिल प्रेममय हो ।।

आयें पुनः कृष्ण देखें द्शा तेरी,
सरिता सरों में भी बहता प्रणय हो ।।

सावर के संकल्प पूरण करें ईश,
विध्न और बाधा सभी का प्रलय हो ।।

गांधी रहे और तिलक फिर यहां आवें,
अरविंद, लाला महेन्द्र की जय हो ।।

तेरे लिये जेल हो स्वर्ग का द्वार,
बेड़ी की झन-झन बीणा की लय हो ।।

कहता खलल आज हिन्दू-मुसलमान,
सब मिल के गाओं जननि तेरी जय हो ।।


राम प्रसाद बिस्मिल

राम प्रसाद बिस्मिल (११ जून १८९७ -१९ दिसम्बर १९२७) प्रसिद्ध देश भक्त थे। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के शहर शाहजहाँपुर में हुआ । वह देश भक्त होने के साथ साथ उर्दू और हिंदी के कवि भी थे । वह क्रान्तिकारियों की संस्था हिंदुस्तान रिपब्लिकन आर्गेनाइजेशन के संस्थापक सदस्यों में से थे। उन को काको काण्ड में शामिल होने के कारन १९ दिसम्बर १९२७ को फांसी के दी गई।

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